भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की चेतावनी दी है। उत्तर भारत के राज्यों में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण आने वाले 48 से 72 घंटों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। कड़ाके की ठंड के बीच अब तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना ने प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से मिल रही धूप की राहत अब समाप्त होने की कगार पर है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के आसमान में बादल छाने शुरू हो जाएंगे। अगले 48 घंटों के दौरान कोहरे में तो कमी आएगी, लेकिन इसके तुरंत बाद हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। तेज हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड एक बार फिर लौट सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अचानक होने वाले तापमान में गिरावट के लिए तैयार रहें।
पांच राज्यों में ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का कहर
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव केवल बारिश तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के पांच राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर सर्दी का असर बना रह सकता है, जिससे यह स्पष्ट है कि ठंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं होने वाली है।
किसानों के लिए खाद की नई रेट लिस्ट और सलाह
मौसम की अनिश्चितता के बीच कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण सूचनाएं जारी की गई हैं। वर्ष 2026 के लिए यूरिया, डीएपी (DAP), पोटाश और एनपीके (NPK) की नई रेट लिस्ट आधिकारिक तौर पर साझा कर दी गई है। किसान भाई अब नई कीमतों के आधार पर अपनी खाद की खरीदारी की योजना बना सकते हैं। इसके साथ ही, ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए किसानों को अपनी तैयार फसलों, विशेषकर सरसों और गेहूं को सुरक्षित करने के लिए उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है।
मक्का की खेती और उत्पादन के नए अवसर
गर्मी के सीजन की शुरुआत के साथ ही मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। कृषि विशेषज्ञों ने मक्का की टॉप 5 हाइब्रिड किस्मों की जानकारी साझा की है। यदि किसान सही कृषि प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीकों का पालन करते हैं, तो वे प्रति एकड़ 60 क्विंटल तक का बंपर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। मौसम के अपडेट के साथ-साथ इन उन्नत किस्मों का चयन किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
अस्वीकरण: यह मौसम अपडेट वर्तमान सैटेलाइट डेटा और आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। स्थानीय मौसम में क्षणिक बदलाव संभव है, इसलिए अपने क्षेत्रीय प्रशासन और मौसम केंद्र द्वारा जारी निर्देशों का पालन अवश्य करें।









