देश के मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, जनवरी के अंत में मौसम के मिजाज में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में एक नया और अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है। इस मौसमी तंत्र का व्यापक असर अब मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बादलों की सघन आवाजाही के साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना काफी बढ़ गई है।
पहाड़ों पर हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और चंबा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात का दौर शुरू हो गया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के इलाकों में भी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी:
- पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर: यहाँ गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है।
- राजस्थान: जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर जैसे उत्तरी और पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।
- उत्तर प्रदेश और बिहार: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा और झांसी में बारिश की प्रबल संभावना है। धीरे-धीरे यह मौसमी सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ेगा, जिससे वाराणसी, प्रयागराज और बिहार के पटना व चंपारण जैसे इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
तापमान में गिरावट और शीतलहर की वापसी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही यह सिस्टम उत्तर भारत से आगे की ओर प्रस्थान करेगा, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं एक बार फिर से मैदानी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर लेंगी। इसके परिणामस्वरूप तापमान में दोबारा बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।
राजस्थान के कई जिलों में पाले की संभावना जताई गई है, जो फसलों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ उत्तरी हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप दोबारा जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
सराफा बाजार में हलचल: सोना ₹1.60 लाख के पार
एक ओर जहाँ मौसम अपनी रंगत बदल रहा है, वहीं दूसरी ओर सराफा बाजार से भी बड़ी खबर सामने आ रही है। सोने और चांदी की कीमतों ने आज अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की भारी दिलचस्पी के कारण सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से आभूषण विक्रेताओं और ग्राहकों में काफी हलचल देखी जा रही है।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
आगामी 72 घंटे कृषि कार्यों के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। किसान भाई निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- बारिश और ओलावृष्टि के दौरान तैयार फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि जलभराव न हो।
- ठंड और पाले से सरसों तथा सब्जी की फसलों को बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करें।
अस्वीकरण: यह मौसम अपडेट वर्तमान उपग्रह चित्रों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम की तात्कालिक स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्रों के निर्देशों का पालन करें।









